राशि कैलकुलेटर: वैदिक ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि और नक्षत्र
वैदिक ज्योतिष में सबसे अधिक महत्व प्रायः आपकी राशि का होता है, यानी वह राशि जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था, निरयण राशिचक्र में गिनी गई। अपने जन्म की तारीख, समय और स्थान दर्ज करें: आपको अपनी राशि, जन्म नक्षत्र और उसका चरण, निरयण सूर्य राशि और लग्न मिलेंगे, और यह भी कि शनि की साढ़े साती इस समय आपकी चंद्र राशि पर है या नहीं।
आपकी राशि अक्सर पश्चिमी राशि से अलग क्यों होती है
पश्चिमी ज्योतिष राशियों को विषुव से गिनता है (सायन राशिचक्र); वैदिक ज्योतिष उन्हें तारों से गिनता है (निरयण राशिचक्र)। दोनों के बीच अब लगभग 24 अंश का अंतर आ चुका है, इसलिए वैदिक ज्योतिष में सूर्य और चंद्रमा अक्सर एक राशि पहले पड़ते हैं। और जहाँ पश्चिमी ज्योतिष पहले सूर्य को देखता है, वहीं वैदिक ज्योतिष पहले चंद्रमा को देखता है। यह एक अलग पद्धति है, दूसरी पद्धति का सुधार नहीं।
बारह राशियाँ
- मेष (Aries), स्वामी मंगल: मेढ़ा। परंपरा के अनुसार मेष राशि साहसी, स्पष्टवादी और काम शुरू करने में तत्पर मानी जाती है, जिसमें इसके स्वामी मंगल जैसा साहस और जोश होता है। इसका स्वभाव अग्रणी और ऊर्जावान है; इसे प्रतीक्षा से अधिक कर्म रास आता है।
- वृषभ (Taurus), स्वामी शुक्र: बैल। वृषभ राशि को स्थिर, धैर्यवान और सुख-सुविधा, सौंदर्य तथा धरती की अच्छी चीज़ों से जुड़ी हुई बताया जाता है। शुक्र के प्रभाव में यह निष्ठा, संगीत, अच्छे भोजन और शांत, सुरक्षित घर को महत्व देती है।
- मिथुन (Gemini), स्वामी बुध: युगल। परंपरा में मिथुन राशि का संबंध वाणी, विद्या, हाज़िरजवाबी और आदान-प्रदान से है। बुध के स्वामित्व में यह जिज्ञासु, मिलनसार और तेज़ बुद्धि वाली है, और शब्दों, व्यापार तथा कलाओं में सहज रहती है।
- कर्क (Cancer), स्वामी चंद्र: केकड़ा। कर्क राशि को संवेदनशील, देखभाल करने वाली और घर, माँ तथा परिवार से गहराई से जुड़ी बताया जाता है। चंद्र के स्वामित्व में इसकी भावनाएँ ज्वार-भाटे की तरह उठती-गिरती हैं, और यह जिनसे प्रेम करती है उनकी रक्षा करती है।
- सिंह (Leo), स्वामी सूर्य: सिंह (शेर)। परंपरा में सिंह राशि राजसी, उदार और गरिमामय मानी जाती है, जिसमें नेतृत्व करने और पहचाने जाने की स्वाभाविक इच्छा होती है। सूर्य के स्वामित्व में इसमें गर्मजोशी, स्वाभिमान और दूसरों के प्रति ज़िम्मेदारी का भाव रहता है।
- कन्या (Virgo), स्वामी बुध: कन्या (कुमारी)। कन्या राशि को विवेकशील, विनम्र और सावधान बताया जाता है, जिसकी नज़र बारीकियों, सेवा और शुद्धता पर रहती है। बुध के स्वामित्व में यह विश्लेषण, कारीगरी और शांत, व्यावहारिक बुद्धि लाती है।
- तुला (Libra), स्वामी शुक्र: तराज़ू। परंपरा में तुला राशि का संबंध न्याय, व्यापार, साझेदारी और सामंजस्य से है। शुक्र के स्वामित्व में यह संबंधों में संतुलन और व्यवहार तथा परिवेश में शालीनता चाहती है।
- वृश्चिक (Scorpio), स्वामी मंगल: बिच्छू। वृश्चिक राशि को तीव्र, निजता-प्रिय और गहरी भावनाओं वाली बताया जाता है, जिसमें प्रबल सहनशक्ति होती है। मंगल के स्वामित्व में यह अपनी शक्ति को भीतर की ओर, गहराई, रहस्यों और रूपांतरण की ओर मोड़ती है।
- धनु (Sagittarius), स्वामी गुरु: धनुर्धर (धनुष, या आधा मनुष्य और आधा अश्व रूप)। परंपरा में धनु राशि का संबंध धर्म, शिक्षा, आस्था और लंबी यात्राओं से है। गुरु के स्वामित्व में यह आशावादी, सिद्धांतवादी और उदार है।
- मकर (Capricorn), स्वामी शनि: मकर, एक पौराणिक जलचर (जिसे प्रायः मगरमच्छ या बकरी-मछली के रूप में दिखाया जाता है)। मकर राशि को धैर्यवान, अनुशासित और धीमे, व्यावहारिक ढंग से महत्वाकांक्षी बताया जाता है। शनि के स्वामित्व में यह कर्तव्य, परिश्रम और स्थायी व्यवस्थाओं को महत्व देती है।
- कुंभ (Aquarius), स्वामी शनि: जल का घड़ा (कलश)। परंपरा में कुंभ राशि का संबंध व्यापक समाज की सेवा, आदर्शों और चिंतन से है। शनि के स्वामित्व में यह विचारशील, स्वतंत्र और प्रायः मानवीय या दार्शनिक लक्ष्यों की ओर आकर्षित रहती है।
- मीन (Pisces), स्वामी गुरु: दो मछलियाँ। मीन राशि को करुणामय, कल्पनाशील और आध्यात्मिक झुकाव वाली बताया जाता है, जिसे दृश्य जगत से परे की अनुभूति होती है। गुरु के स्वामित्व में यह कोमल, भक्तिपूर्ण और क्षमाशील है।
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अयनांश: लाहिड़ी (चित्रपक्ष)। चंद्रमा की गणना आपके ब्राउज़र में कुछ कला (आर्कमिनट) की सटीकता तक होती है; किसी राशि या नक्षत्र की सीमा के पास जन्म समय के कुछ मिनट भी परिणाम बदल सकते हैं, और ऐसा होने पर पेज यह बताता है। आप जो भी दर्ज करते हैं, वह आपके डिवाइस से बाहर नहीं जाता। स्थान: GeoNames (CC BY 4.0)।